न्यायालय के फैसले के खिलाफ शिक्षामित्रों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी
रहा. स्कूलों में शिक्षामित्रों ने शिक्षण कार्य नहीं किया. शिक्षामित्रों
ने इस आंदोलन को जारी रखने का फैसला लिया है. मंगलवार को ब्लाक संसाधन
केंद्र स्तर पर शिक्षामित्रों ने आंदोलन किया. सोमवार की तरह शिक्षामित्रों
ने स्कूलों को बंद तो नहीं कराया, लेकिन शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार
के चलते कई स्कूलों में शिक्षण कार्य नहीं हो सका. शिक्षामित्रों ने कई
ब्लाक में ज्ञापन सौंपे.
फीरोजाबाद ब्लाक संसाधन केंद्र पर काली पट्टी बांध कर शिक्षामित्र
एकत्रित हुए. यहां पर संपन्न बैठक में शिक्षामित्रों ने कहा केंद्र के
इशारे पर शिक्षामित्रों को राजनैतिक दुर्भावना का शिकार होना पड़ा है.
प्रदेश सरकार ने अनुमति के बाद शिक्षामित्रों को समायोजित किया है, लेकिन
न्यायालय ने इसे समायोजन रद्द कर दिया. इससे शिक्षामित्रों के सामने आर्थिक
संकट पैदा हो गया है. शिक्षामित्रों ने कहा महाराष्ट्र, उत्तरांचल, मध्य
प्रदेश, राजस्थान, गुजरात आदि प्रदेशों में टीईटी मुक्त शिक्षक बनाए गए
हैं. शिक्षामित्रों द्वारा अपनी मांगों को लेकर आखिर तक संघर्ष करते
रहेंगे. दिल्ली में आंदोलन करते हुए इस फैसले को वापस लेने की मांग
उठाएंगे. बैठक में वीरेंद्र वर्मा, आदेश यादव, साहूकार वर्मा, गिरीश नायक,
प्रेमवती, संजय यादव, ममता देवी, संगीता, कुसुमा, वंदना, सीता दुबे, गौरव
उपाध्याय, राकेश, सुभाष शर्मा, चंद्रपाल, हरिओम आदि प्रमुख रूप से उपस्थित
थे. http://inextlive.jagran.com/shiksha-mitra-protest-against-court-decision-92090
Source: Agra News
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