इसे वित्तीय संकट कहें या फिर शासन का उदासीन रवैया. जो भी हो, लेकिन यह
स्पष्ट है कि सरकार के सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में शामिल राजीव गांधी
नवोदय विद्यालय पिछले कई महीनों से बजट का संकट झेल रहे हैं. सच्चाई यह है
कि विद्यालयों में कार्यरत संविदा कर्मियों को न इस वित्तीय वर्ष से वेतन
मिल पाया और न ही बिजली, पानी, टेलीफोन व मेस (कैंटीनन) के खर्चे बहाल हो
पाए. http://inextlive.jagran.com/budget-crisis-for-rajive-gandhi-navodaya-vidaylaya-92581
Source: Gorakhpur News and Gorakhpur Newspaper
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