Monday, 21 September 2015

दारोगा मेरे बेटे की उम्र का, मैंने उसे माफ किया

मुझसे बदसलूकी करने वाला दारोगा मेरे बेटे की उम्र का है..उसे उसके किये की सजा मिल गई है.मैंने उसे माफ कर दिया है!' यह कहना है जीपीओ के बाहर शनिवार को सिरफिरे दारोगा प्रदीप कुमार के कोप का भाजन बने बुजुर्ग टाइपिस्ट कृष्ण कुमार का. उनके इस वाक्य ने उन्हें देखने आए लोगों के मन में उनका सम्मान और भी बढ़ा दिया. सीएम के आदेश पर डीएम व एसएसपी से नया टाइपराइटर मिलने के बाद रविवार को कृष्ण कुमार एक बार फिर अपनी पुरानी जगह पहुंचे और हर रोज की तरह अपना काम शुरू किया. हालांकि, बुजुर्ग कृष्ण कुमार के साथ ही दारोगा प्रदीप के कहर का शिकार हुए पटरी दुकानदारों ने जो आपबीती सुनाई वह किसी भी शख्स को बेचैन करने के लिये काफी है. http://inextlive.jagran.com/policeman-beating-oldman-in-lucknow-92633

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