Wednesday, 13 July 2016

दो लाख की घूस लेते डिप्टी कमिश्नर गिरफ्तार

मंगलवार देर रात विजिलेंस ने दो लाख की घूस लेते सेल टैक्स विभाग के डिप्टी कमिश्नर दीपक बृजवाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने देर रात दीपक को रिस्पना के पास से गिरफ्तार किया। विजिलेंस की ख् से ज्यादा अलग- अलग टीमें दीपक के ऑफिस से लेकर घर तक सम्पत्ति की जांच में जुटी रही। दीपक मूल रूप से चमोली का रहने वाला है और दून के मोहब्बेवाला सेक्टर में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात था। विजिलेंस इस कामयाबी को एक बड़ी सफलता मान रही है। विजिलेंस लगातार एक के बाद एक सरकारी विभागों के घूसखोर अफसरों को बेनकाब करने में लगी है.

दीपक ख्009 से सेल टेक्स में तैनात था। इससे पहले असिस्टेंस कमिश्नर के पद पर हरिद्वार जिले के सेक्टर ख् में तैनात था, जहां विभाग में दीपक के खिलाफ करप्शन को लेकर बड़ी शिकायतें मिल रही थीं। डायरेक्टर विजीलेंस अशोक कुमार ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट के सप्लायर की देहरादून में हर महीने सामान ट्रक से आते थे। दीपक कंपनी के स्थानीय फ्रेंचाइजी मालिक से हर महीने अशरोड़ी बैरियर पर ट्रक पास करने के एवज में एक लाख रुपए प्रतिमाह देने की डिमांड कर रहा था। कंपनी मालिक द्वारा पैसे न दिए जाने के बदले दीपक आशारोड़ी बैरियर पर ही ट्रक खड़े करवा देता था। पिछले क्क् महीने से लगातार दीपक कंपनी मालिक को परेशान कर क्क् लाख की डिमांड कर रहा था। इसी रकम की पहली खेप ख् लाख रुपये दीपक ने सोमवार को मांगी। जहां विजिलेंस की टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया.

Source: InextLive Jagran

दारागंज में खड़ी कार का शीशा तोड़ हजारों उड़ाए

आजमगढ़ से शहर आए एक व्यक्ति की कार का शीशा तोड़ कर चोरों ने 55 हजार रुपये और दो मोबाइल उड़ा दिए। घटना दारागंज क्षेत्र में मंगलवार को दोपहर में तब हुई जब कार मालिक एक होटल में खाना खा रहे थे। दारागंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की है।

कुछ ही समय में कर गए कारनामा

आजमगढ़ के बजुआपुर निवासी दान बहादुर सिंह पुत्र राम अवतार सोमवार को किसी काम से शहर आए। काम खत्म होने के बाद वह अपनी कार से दारागंज इलाके में पहुंचे। वहां एक होटल के सामने कार खड़ी कर वे अंदर खाना खाने चले गए। खाना खाकर लौटे तो देखा कि कार का पिछला शीशा टूटा हुआ है। जब उन्होंने चेक किया तो पता चला कि अंदर रखे बैग से 55 हजार रुपए और दो मोबाइल गायब हैं। उन्होंने घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। 

Source: InextLive Jagran

Tuesday, 12 July 2016

डीएम साहब, तो हम छोड़ देंगे शहर

डीएम साहब! अगर आप हमें सुरक्षा प्रदान नहीं करा सकते हैं तो हम ये शहर ही छोड़ देंगे। हमारी बहन बेटियों से एक विशेष समुदाय के लोग छींटाकशी करते हैं। जीना मुश्किल कर दिया है। अगर यही हाल रहा तो हम शहर छोड़ देंगे। ये पीड़ा लेकर मंगलवार को टीला नंदराम थाना मंटोला के लोग जिलाधिकारी के पास पहुंचे।

पलायन को कर रहे हैं मजबूर

टीला नंदराम के लोगों का कहना है कि उन्हें ढोलीखार और उसके आसपास क्षेत्र में रहने वाले एक विशेष समुदाय के लोग लगातार परेशान कर रहे हैं। मकान खरीदने या कब्जा की नीयत से डराया- धमकाया जाता है। उन्हें वहां से भगाने के लिए तरह- तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।

खोल दिए हैं कट्टीखाने

टीला नंदराम के लोगों का कहना है कि उनके मोहल्ले में गाय, भैंस के कट्टीखाने खोल दिए गए हैं। गाय, भैंस और बकरों की कच्ची खाल के गोदाम हैं। जिनकी गंदगी और दुर्गध से परेशान हैं। उन्हें वहां से भगाने का सुनियोजित षड़यंत्र है। इसके साथ ही बहन बेटियों से अश्लील व अभद्र छींटाकशी की जाती है।

फैलाया जाता है प्रदूषण

उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे पुल के पास जूतों की कतरन और कूड़ा डाल दिया जाता है, इसके बाद उसमें आग लगा दी जाती है। जबकि टीटीजेड क्षेत्र होने के बावजूद भी इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इससे उठने वाली दुर्गध से लोग परेशान हैं। इसके साथ ही विशेष समुदाय के अपराधी किस्म के लोग मोहल्ले में घूमते हैं और डराने और धमकाने का काम करते हैं। उनके कारण हमेशा दहशत और विवाद की स्थिति बनी रहती है। 

Source: InextLive Jagran

सर्राफा के बेटे को ब्लैकमेल करने वाले जेल गए

गोविन्दनगर में सर्राफा कारोबारी के बिगड़ैल बेटे को ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठने वाले तीन शातिरों को मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसमें एक पीडि़त का दोस्त है, जबकि दूसरा उसका टीचर है। दोनों ने शातिर साथी के संग मिलकर उसको ब्लैकमेल करने का प्लान तैयार किया था।

गुजैनी में रहने वाले सर्राफा कारोबारी का नाबालिग बेटा बुरी संगत में बिगड़ गया था। उसकी क्यू ब्लाक में चिंदा टैम्बर के मालिक विनोद कुमार के बेटे मयंक से दोस्ती थी। सर्राफा कारोबारी का बेटा खर्च पूरे करने के लिए घर में चोरी करने लगा था। उसने मयंक को चोरी के जेवर बेचने के लिए कहा तो मयंक ने उसकी करतूत के बारे में टीचर गौतम और उनके दोस्त आतिश गुप्ता को बताया। आतिश ने शुरुआत में तो जेवर बेचकर उसको रुपए दिए, लेकिन फिर उनके मन में लालच आ गया। कुछ दिन पहले पीडि़त गलती से रांगे को सोना समझकर उसे बचने के लिए आतिश के पास पहुंचा तो आतिश खुद को सीओ बताते हुए घर में शिकायत करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाया। उसने कहा कि तुम नकली सोना बेचते हो, मैं तुम्हारे साथ तुम्हारे पिता को भी गिरफ्तार करूंगा तो वो घबरा गया। इसके बाद आतिश उसको ब्लैकमेल कर रुपए और जेवर ऐंठने लगा। आतिश चोरी के जेवर बचने के लिए जिस शॉप पर गए वो पीडि़त नाबालिग के पिता का करीबी दोस्त था। उसने ज्वैलरी पहचान कर दोस्त को बताया तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो तीनों में जुर्म कबूल लिया। एसएसपी ने बताया कि अतीश बेहद शातिर है। वो इसी तरह रईसघरों के बच्चों को फंसाकर वसूली करता है। 

Source: InextLive Jagran

30 हजार स्वर्गवासी, 5 करोड़ के देनदार

 बिजली विभाग के बकाएदारों की फेहरिस्त में स्वर्गवासियों के भी नाम हैं, जिनके नाम पर बकाया बिल वसूल पाना अधिकारियों के लिए बड़ा चैलेंज बन गया है। बिल का तकादा करने बिजली कर्मचारी कनेक्शन होल्डर्स के घर जाते हैं तो बेटों का जवाब मिलता है, जिसके नाम से कनेक्शन है उससे मांगों बकाया बिल। हालांकि, ऐसे जवाबों से हैरान- परेशान बिजली अधिकारी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं.

30 हजार से अधिक

शहर में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 2 लाख के करीब है। लेकिन, इनमें से 30 हजार से भी अधिक लोग ऐसे हैं, जिनकी मौत वर्षो पहले हो चुकी है। लेकिन, विभाग इनके नाम से आज भी बिजली का बिल जारी हो रहा हैं। कनेक्शन होल्डर्स के वारिसान ने भी विभाग को डेथ की इंफॉर्मेशन नहीं दी और अब बिल भी नहीं जमा कर रहे हैं।

विभाग के लटके पड़े हैं बिल

पारिवारिक तनातनी में बिजली विभाग के लाखों रुपए बिजली बिल के फंसे पड़े हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 5 करोड़ रुपए ऐसे लोगों के नाम बकाया है जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। लेकिन, उनके फेमिली मेंबर्स इन बिलों का भुगतान करना उचित नहीं समझ रहे है। बिलों का भुगतान नहीं होने से विभाग भी परेशान है। हालांकि, विभाग के पास यह हक होता है कि वह संबंधित घर का बिजली कनेक्शन काट दें। जब तक कोई आगे आकर यह न कहे कि उनके नाम से कनेक्शन कर दिया जाए और बिल भी वही जमा करेगा। 

Source: InextLive Jagran

Sunday, 3 July 2016

एक हफ्ते से 20 गांवों में छाया अंधेरा

सिक्टौर बिजली उपकेंद्र से जुड़े दस गांवों में बीते एक सप्ताह से अंधेरा है। एक सप्ताह पहले महराजगंज के मानीराम टोले में 11000 वोल्ट का तार टूट कर बंसराज और लौटू के छत पर गिर गया था। जिसके बाद से इन गांवों की बिजली बाधित है। बिजली नहीं आने गांव के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोगों के सभी बिजली के उपकरण बंद पड़े हैं। मोबाइल चार्ज कराने के लिए भी भी गांव के लोगों को दूर जाना पड़ रहा है।

टोले के लोग कर रहे विरोध

बिजली विभाग के कर्मचारी महराजगंज के मानीराम टोले में 11000 वोल्ट का तार टूट जोड़ने गए तो गांव के लोग उनका विरोध करने लगे। गांव के लोगों का कहना है बिजली का तार रिहायशी क्षेत्र से नहीं ले जाया जा सकता है। जिस तरह से यह तार टूटकर गिरा उससे गांव तरह की कोई दूसरी घटना घटी तो बड़ा हादसा हो सकता है वहीं बिजली विभाग के लोग उसी रास्ते से तार ले जाने पर आमादा है। शनिवार को तार जोड़ने गए बिजली विभाग के कर्मचारियों को ग्रामीणों के विरोध करने के कारण वापस लौटना पड़ा।

पुलिस से मांगा सहयोग

मानीराम टोले से बिजली का तार खिंचवाने के लिए विभाग के जेई त्रियुगी नारायण सिंह ने थाना गुलरिहा से सहयोग मांगा। थाना प्रभारी गुलरिहा ने सरहरी चौकी को निर्देश दिया। शुक्रवार को फिर पुलिस के साथ बिजली विभाग के कर्मचारी तार जोड़ने जोड़ने गए पर गांव वालों के विरोध पर तार बिना जोड़े टीम को वापस लौटना पड़ा। गांव के लोगो का कहना था कि तार 30 साल पहले गया था तब यहां घर नहीं बने थे। अब कई लोग घर बनवा लिए हैं.  Read more http://inextlive.jagran.com/gorakhpur/

Thursday, 9 June 2016

प्रदेश सरकार का होर्डिग वार

राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक से पहले पूरा शहर भाजपामय हो जाए, इससे पहले प्रदेश की सपा सरकार ने अपने इरादे जता दिए। सरकारी आदेश पर शहर के तमाम चौराहें और सड़कों को सपा सरकार की उपलब्धियों वाली होर्डिग्स से पाटा जा रहा है। जिन होर्डिग्स पर पहले भाजपा के दिग्गज नेता चमक रहे थे वहां अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की झलक दिखने लगी है। बुधवार को अचानक शुरू हुए इस अभियान से खुद पब्लिक भी अचरज में पड़ गई है, वह भी तब जब भाजपा के राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक को महज तीन दिन शेष रह गए हैं।

नहीं बचेगी एक भी सरकारी होर्डिग

बता दें कि 12 और 13 जून को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक होने वाली है। इसको लेकर भाजपाईयों ने अपनी होर्डिग और पोस्टर- बैनर से शहर के प्रमुख चौराहें और सड़कों को लगभग पाट दिया है। लेकिन, बुधवार को जो हुआ उसने शासन के इरादे जता दिए। सपा सरकार ने अपने पांच साल की उपलब्धियों के महिमा मंडन से भरी इन होर्डिग्स को तेजी से लगाना शुरू कर दिया है। इनमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो के साथ 'पूरे हुए वादे, अब नए इरादे' का स्लोगन दिया गया है। खासतौर से जहां भाजपा नेताओं की विशाल होर्डिग लगी थी वहीं पर अब सपा सरकार का परचम लहरा रहा है।

हफ्ते भर का जमा हुआ किराया, प्राइवेट पर भी नजर

जानकारी के मुताबिक सपा सरकार ने आनन- फानन में नगर निगम को होर्डिग्स का शुल्क जमा कराकर बुक कर लिया है। ये सरकारी हैं इसलिए इन पर शासन का संदेश देना प्राथमिकता होगी। इसके अलावा प्राइवेट एजेंसियों की होर्डिग्स को भी हायर किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 13 जून तक शहर में केवल सपा सरकार के कार्यो के लेखे- जोखे से जनता को परिचित कराया जाएगा। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह पहले से निर्धारित था। शासन केवल इलाहाबाद नहीं बल्कि प्रदेश के अन्य शहरों में भी अपनी होर्डिग लगवा रही है। इसके कुछ भी नया नहीं है।

भाजपाईयों के उड़े होश

सपा सरकार का यह दांव वाकई भाजपा को महंगा पड़ता नजर आ रहा है। बुधवार को होर्डिग्स लगना जैसे ही शुरू हुई, भाजपा नेताओं में सुगबुगाहट बढ़ गई। उनका कहना था कि शासन अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहा है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। वैसे भी भाजपा का विरोध अपनी जगह जायज है, वह भी तब जब दो दिनी महा आयोजन और प्रधानमंत्री मोदी की रैली होने में तीन दिन का समय शेष रह गया है। ऐसे में लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का बड़ा माध्यम पोस्टर- बैनर और होर्डिग्स ही थे जो अब हाथ से जा रहे हैं।  Read more http://inextlive.jagran.com/allahabad/

Wednesday, 8 June 2016

शराब तस्कर ने किराए पर जगह लेकर बना रखा था गोदाम

थाना छत्ता पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एसओ छत्ता शैलेन्द्र कुमार सिंह ने दबोच लिया। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि बड़े पैमाने पर सिटी में तस्करी की शराब की सप्लाई की जा रही थी। इस दौरान पुलिस ने दो तस्करों को दबोच लिया, जबकि सरगना मौके से भाग जाने में सफल रहा। इनके कब्जे से 410 पेटी शराब मिली है.इस बारे में एसपी सिटी घुले सुशील चंद्र ने थाना छत्ता में प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी।

किराए पर जगह लेकर बना रखा था गोदाम

प्रेसवार्ता में एसपी सिटी घुले सुशील चंद्र और सीओ छत्ता बीएस त्यागी ने संयुक्त रूप से बताया कि शराब की तस्करी करने वाले सरगना ने किराए पर जगह लेकर गोदाम बना रखा था। वह पूरे शहर में तस्करी की शराब सप्लाई करता था। पकड़ी गई शराब की 410 पेटियों की बाजार में कीमत आठ से नौ लाख रुपये तक है। बुधवार को एसओ छत्ता शैलेन्द्र कुमार सिंह ने टीम के साथ राजा उर्फ राजकुमार एक्टिवा पर शराब की पेटियों की सप्लाई करने आया। उसी दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने अरुण पुत्र रमेश तोमर निवासी भगवान नगर को गिरफ्तार कर लिया। सरगना अजयपाल पुत्र रामभरोसी तोमर मौके से भाग जाने में सफल रहा. Read more http://inextlive.jagran.com/agra/

एडमिशन का शंखनाद

सीसीएस यूनिवर्सिटी व संबंधित कॉलेजों के प्रिंसिपल्स की एक बैठक का आयोजन बृहस्पति भवन में किया गया। बैठक में प्रवेश से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक में प्रवेश प्रभारी प्रो वाई विमला ने प्रवेश से संबंधित प्रक्रिया को समझाया। इस वर्ष ऑनलाइन प्रवेश करने वाली कंपनी ने डेमो करके दिखाया।

12 जून से रजिस्ट्रेशन

बैठक में रजिस्ट्रार दीपचंद ने बताया कि इस वर्ष नियमित एवं प्रोफेशनल कॉलेजों के प्रवेश की प्रक्रिया भिन्न होंगी। नियमित पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 12 जून से होंगे। अंत में वीसी प्रो। एनके तनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित तिथि तक अपने शिक्षकों का सत्यापन अवश्य करा लें .

दिए गए दिशा निर्देश

- सत्र 2016- 17 में प्रवेश के लिए पंजीकरण हेतु आवेदन पत्र को भरने के लिए यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर एडमिशन लिंक पर क्लिक करें।

- आवेदन पत्र भरने के पहले अभ्यर्थी के पास उनकी दसवीं, इंटर की मार्कशीट के नम्बर, पासपोर्ट साइज फोटो, स्केन किए हुए हस्ताक्षर होने चाहिए।

- आवेदक यदि किसी अल्पसंख्यक, आरक्षित जाति या किसी विशेष आरक्षण का लाभ लेना चाहते हैं तो उनके पास दावा किए गए लाभ का प्रमाण पत्र होना चाहिए।

- यूपी के स्टूडेंट के पास मूल निवास का प्रमाण पत्र होना जरुरी है।

- 2016- 17 में गैर प्रायोगिक विषयों में प्रवेश के लिए पंजीकरण के लिए 2015, 2016, 2014 के उ‌र्त्तीण छात्र ही पात्र होंगे।

- अभ्यर्थी अपने पंजीकरण के लिए आवेदन पत्र को स्वयं भरें या फिर साइबर कैफे में भरवाने की स्थिति में वहां उपस्थित रहें। आवेदन पत्र में त्रुटि पर अभ्यर्थी ही जिम्मेदार होंगे।

- एडमिशन के लिंक पर क्लिक करने के बाद रजिस्ट्रेशन पेज के लिंक पर क्लिक करें एवं अपनी बारहवीं के बोर्ड तथा वर्ष का सही चयन करते हुए रोल नंबर डाले।  Read more http://inextlive.jagran.com/meerut/